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सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की राजनाथ सिंह से मुलाकात, रक्षा चुनौतियों और सैन्य सुधारों पर हुई चर्चा

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नवनियुक्त सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी भेंट की थी।

नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। यह अहम बैठक राजधानी दिल्ली स्थित ‘कर्तव्य भवन’ में हुई, जहां दोनों के बीच देश की रक्षा व्यवस्था, सैन्य रणनीति और भविष्य की चुनौतियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय के कार्यालय (RMO) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें देश की तीनों सेनाओं के समन्वय, आधुनिकीकरण और रक्षा सुधारों पर फोकस किया गया। जनरल सुब्रमणि के CDS पदभार संभालने के बाद यह उनकी शीर्ष नेतृत्व से पहली औपचारिक बैठकों में से एक है।

इससे पहले सोमवार को सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी। इस दौरान वे अपनी पत्नी महालक्ष्मी सुब्रमणि के साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई थी।

दिल्ली में ही साउथ ब्लॉक लॉन में जनरल सुब्रमणि को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो किसी भी नए सीडीएस के पदभार ग्रहण करने पर एक पारंपरिक सैन्य सम्मान माना जाता है।

मुलाकात के दौरान सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि उन्हें देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में सेवा करने का अवसर मिलना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों पर देश ने जो भरोसा जताया है, उसके लिए वे आभारी हैं और सेनाएं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगी।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्तता और समन्वय को और मजबूत करना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। साथ ही रक्षा मंत्रालय और रणनीतिक संस्थानों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा।

सीडीएस ने प्रधानमंत्री के ‘जय’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि संयुक्तता (Jointness), आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta) और नवाचार (Innovation) भारतीय रक्षा नीति के प्रमुख स्तंभ हैं, जिन पर लगातार काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में सशस्त्र बलों में संगठनात्मक सुधार, तकनीकी आधुनिकीकरण और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को प्राथमिकता दी जाएगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी हथियारों के विकास और उनके एकीकरण को तेज किया जाएगा, जिससे भारत की रणनीतिक क्षमता और अधिक सशक्त हो सके।

सरकार ने 9 मई को जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को देश का नया CDS नियुक्त किया था। इसके साथ ही उन्हें रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

उनका सैन्य करियर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार, सेना के उप प्रमुख और केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उनकी नियुक्ति को भारतीय रक्षा व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और एकीकृत रणनीति पर अधिक जोर दिया जाएगा।

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